मौर्य साम्राज्य का संस्थापक चंद्रगुप्त मौर्य
चंद्रगुप्त मौर्य ( 323 ईसा पूर्व से 295 ईसा पूर्व)
मौर्य वंश की स्थापना चाणक्य की सहायता से अंतिम नंद शासक धनानंद को पराजित कर चंद्रगुप्त मौर्य ने मौर्य वंश की स्थापना की।
🌳 चंद्रगुप्त मौर्य के जाति के संबंध में विद्वानों में एकमत नहीं है। ब्राह्मण साहित्य ने शूद्र तथा बौद्ध एवं जैन ग्रंथ इन्हें क्षत्रिय कुल में उत्पन्न बताते हैं।
🌳 यूनानी लोग चंद्रगुप्त को सेंडरो कोट्स कहते थे।
🌳 यूनानी लेखक के अनुसार चंद्रगुप्त ने छह लाख की सेना लेकर संपूर्ण भारत को रौध डाला ।
🌳 305 ईसा पूर्व चंद्रगुप्त ने तात्कालिक यूनानी शासक सेल्यूकस निकेटर को पराजित किया। संधि हो जाने के बाद सेल्यूकस ने चंद्रगुप्त से 500 हाथी लेकर बदले में हेरात, कंधार, और काबुल के कुछ भाग चंद्रगुप्त को दिए।
🌳 सेल्यूकस ने अपनी पुत्री का विवाह चंद्रगुप्त से करवा दिया और उपयुक्त चारों प्रांत चंद्रगुप्त को दहेज स्वरूप दे दिया और मेगस्थनीज अपने राजदूत के रूप में चंद्रगुप्त के दरबार में भेजा।
🌳 चंद्रगुप्त मौर्य का साम्राज्य ईरान से लेकर पूर्व में बंगाल तक तथा उत्तर में कश्मीर से लेकर दक्षिण में उत्तरी कर्नाटक तक फैला हुआ था ।
🌳 अपने जीवन के अंतिम चरण में चंद्रगुप्त मौर्य अपने पुत्र बिंदुसार को सिंहासन सौपकर जैन मुनि भद्रबाहु से जैन धर्म की दीक्षा लेकर श्रवण बेल गोला जाकर 298 ईसा पूर्व उपवास द्वारा शरीर त्याग दिया।
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